अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में आपका स्वागत है

AIIMS Bilaspur

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश, एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान है जिसे सस्ती और विश्वसनीय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने हेतु स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य देशभर में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को भी सुदृढ़ करना है। इसकी आधारशिला भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 अक्टूबर 2017 को रखी गई थी। इसके पश्चात 21 जनवरी 2019 को माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा तथा हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर द्वारा भूमि पूजन किया गया।

संस्थान को 247 एकड़ क्षेत्र में तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण, जो रिकॉर्ड तीन वर्षों में पूर्ण हुआ, में 750-बेड वाला अस्पताल शामिल है जिसमें 41 विशिष्ट एवं सुपर स्पेशलिटी विभाग हैं। इसमें 64 आईसीयू बेड, 20 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, सीटी, एमआरआई, डिजिटल रेडियोग्राफी, कैथ लैब और डायलिसिस जैसी उन्नत तृतीयक देखभाल सुविधाएं उपलब्ध हैं।

एम्स बिलासपुर ने 12 जनवरी 2021 को अपने पहले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 50 एमबीबीएस छात्रों के साथ की। संस्थान में 100 एमबीबीएस सीटें (नीट परीक्षा के माध्यम से), 40 बी.एससी. नर्सिंग (ऑनर्स) सीटें (एम्स नई दिल्ली की नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के जरिए केंद्रीकृत काउंसलिंग से), और 20 पैरा-मेडिकल सीटें (एम्स नई दिल्ली की केंद्रीकृत काउंसलिंग से) उपलब्ध हैं। संस्थान पीएम-जय एवं हिमकेयर जैसी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत सूचीबद्ध है। इसके अतिरिक्त, यहां एक अमृत फार्मेसी और जन औषधि केंद्र स्थापित किया गया है, जहाँ गुणवत्तापूर्ण दवाएं व उपभोग्य सामग्रियाँ किफायती दामों पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

एम्स बिलासपुर उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा क्षेत्र में एक उत्कृष्टता केंद्र बनने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।