कार्यकारी निदेशक का संदेश

लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ) दलजीत सिंह, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त)

कार्यकारी निदेशक एम्स बिलासपुर (हि.प्र.)

लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने 1 अक्टूबर 2025 को एआईआईएमएस बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) के नए कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। वे सशस्त्र बलों में 40 वर्षों के व्यापक व्यावसायिक अनुभव वाले एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने रणनीतिक सैन्य नेतृत्व को विशेष चिकित्सा विशेषज्ञता के साथ जोड़ा है। उनका करियर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक (DGAFMS) के रूप में अपने चरम पर पहुँचा, जो सैन्य चिकित्सा कमान का सर्वोच्च पद है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारत के राष्ट्रपति के मानद सर्जन का सम्मानित पद भी संभाला है।

जनरल सिंह की उत्कृष्ट सेवा को अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) जैसे महत्वपूर्ण सम्मानों से नवाजा गया है। उनकी नेतृत्व क्षमता और समर्पण को वायु सेना प्रमुख तथा थल सेना प्रमुख द्वारा प्रशंसा पत्रों से भी सम्मानित किया गया है।

उनका प्रशासनिक अनुभव सैन्य चिकित्सा संरचना में कई महत्वपूर्ण कमान और स्टाफ नियुक्तियों तक फैला हुआ है। इनमें आईएचक्यू, रक्षा मंत्रालय (सेना), नई दिल्ली में महानिदेशक चिकित्सा सेवाएं (सेना), वायु मुख्यालय में सहायक वायु सेना प्रमुख (चिकित्सा), और एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय में सहायक प्रमुख (चिकित्सा) के रूप में कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एयर ऑफिसर कमांडिंग, 7 एयर फोर्स हॉस्पिटल कानपुर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्यालय सेंट्रल एयर कमांड, इलाहाबाद के रूप में भी कार्य किया।

सशस्त्र बल चिकित्सा कॉलेज, पुणे के पूर्व छात्र, लेफ्टिनेंट जनरल सिंह के पास स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में मजबूत शैक्षणिक आधार है। उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से बाल चिकित्सा में स्नातकोत्तर (MD Pediatrics), एनबीई से डीएनबी (बाल चिकित्सा) और पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से नवजात विज्ञान (DM Neonatology) में डिग्री प्राप्त की है।

उनका नैदानिक परामर्श अनुभव भी अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने कमांड हॉस्पिटल बेंगलुरु, कमांड हॉस्पिटल पुणे और 7 एयर फोर्स हॉस्पिटल कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में बाल एवं नवजात चिकित्सा में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त, वे कमांड हॉस्पिटल बेंगलुरु में बाल एवं नवजात चिकित्सा के सलाहकार के रूप में भी कार्यरत रहे हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल सिंह की विशेषज्ञता चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी विस्तृत है। वे कई प्रमुख व्यावसायिक संस्थाओं के प्रतिष्ठित फेलो हैं, जिनमें नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (FAMS), इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (FIAP), और नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (FNNF) शामिल हैं।

वे चिकित्सा प्रशिक्षण के मानकीकरण और गुणवत्ता सुधार में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। उन्होंने एनबीई नई दिल्ली, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, आरजीयूएचएस बेंगलुरु, और एमयूएचएस नासिक जैसे संस्थानों में स्नातकोत्तर परीक्षक के रूप में सेवा दी है। इसके अलावा, वे नवजात पुनर्जीवन कार्यक्रम (Neonatal Resuscitation Programme) के प्रमाणित राष्ट्रीय प्रशिक्षक हैं। वे कई शोध परियोजनाओं में प्रमुख या सह-कार्यकर्ता के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल सिंह की प्रोफ़ाइल उच्च स्तरीय रणनीतिक प्रशासन, विशिष्ट नैदानिक विशेषज्ञता और चिकित्सा अनुसंधान व प्रशिक्षण के प्रति समर्पण का एक अद्वितीय संगम प्रस्तुत करती है, जो उनके वर्तमान नेतृत्व पद को और अधिक सशक्त बनाता है।

डायरेक्ट्रिएमजी