सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा

विजन वक्तव्य

स्वास्थ्य समानता और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए नवाचारपूर्ण, साक्ष्य-आधारित, समुदाय-केंद्रित सार्वजनिक स्वास्थ्य अभ्यास, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से उत्कृष्टता का एक अग्रणी केंद्र बनना, ताकि सभी के लिए एक स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

मिशन वक्तव्य

  • भावी लोक स्वास्थ्य नेताओं एवं विशेषज्ञों को शिक्षित और प्रशिक्षित करना, जो विविध जनसंख्या की जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने हेतु सक्षम, संवेदनशील और समर्पित हों।
  • ऐसा अनुसंधान करना जो नवीन ज्ञान उत्पन्न करे, नीतियों को दिशा दे तथा साक्ष्य-आधारित लोक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों को प्रोत्साहित करे।
  • समुदाय आधारित उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करना, जो स्वास्थ्य संवर्धन करें, रोगों की रोकथाम करें तथा सहयोगात्मक साझेदारी और वकालत के माध्यम से स्वास्थ्य असमानताओं को कम करें।
  • क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग एवं नीति विकास के माध्यम से लोक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करना।
  • उत्कृष्टता एवं नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना, जिससे समुदाय सर्वोत्तम स्वास्थ्य एवं कल्याण प्राप्त कर सकें।
  • समग्र एवं एकीकृत दृष्टिकोण द्वारा जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान हेतु अन्य संस्थानों एवं विभागों के साथ बहुविषयक सहयोग को प्रोत्साहित करना।

संकाय

क्र.सं. फोटो नाम एवं योग्यता पदनाम रुचि के क्षेत्र ईमेल आईडी / ORCID आईडी
1 डॉ अनुपम पराशर डॉ अनुपम पराशर
एम.डी. कम्युनिटी मेडिसिन
प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष
  • प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल
  • गैर-संचारी रोग
  • स्वास्थ्य संवर्धन
  • RCH
dr.anupam.cfm@aiimsbilaspur.edu.in

ORCID आईडी:
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2 डॉ मीनल मधुकर ठाकरे डॉ मीनल मधुकर ठाकरे
एम.डी. कम्युनिटी मेडिसिन
अतिरिक्त प्रोफेसर
  • किशोर स्वास्थ्य
  • स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली
  • मानसिक स्वास्थ्य
  • सामाजिक चिकित्सा
dr.meenal.cfm@aiimsbilaspur.edu.in

ORCID आईडी:
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3 डॉ नवप्रीत डॉ नवप्रीत
एम.डी. सोशल एवं प्रिवेंटिव मेडिसिन
एप्लाइड एपिडेमियोलॉजी में डिप्लोमा
एसोसिएट प्रोफेसर
  • स्वास्थ्य संवर्धन
  • महामारी विज्ञान
  • सिस्टेमेटिक रिव्यू
  • ट्रांसलेशनल रिसर्च
dr.navpreet.cfm@aiimsbilaspur.edu.in

ORCID आईडी:
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4 डॉ अनुपमा धीमान डॉ अनुपमा धीमान
एम.डी. कम्युनिटी मेडिसिन
एप्लाइड एपिडेमियोलॉजी में डिप्लोमा
एसोसिएट प्रोफेसर
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य
  • महामारी विज्ञान
  • स्वास्थ्य संवर्धन
  • चिकित्सा शिक्षा
  • स्वास्थ्य सेवा में AI
  • ऑपरेशनल रिसर्च
dr.anupama.cfm@aiimsbilaspur.edu.in

ORCID आईडी:
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5 डॉ निकिता शर्मा डॉ निकिता शर्मा
एम.बी.बी.एस.
एम.डी. कम्युनिटी मेडिसिन
डीएनबी कम्युनिटी मेडिसिन
एसोसिएट प्रोफेसर
  • गैर-संचारी रोग
  • तंबाकू नियंत्रण
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य
  • टीकाकरण
dr.nikita.cfm@aiimsbilaspur.edu.in

ORCID आईडी:
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सेवाएं

आंतरिक रोगी विभाग:

  • टीका-रोधी रोग (VPD) निगरानी के अंतर्गत विभाग निम्न कार्य करता है:
  • आंतरिक रोगी, आपातकालीन एवं बाह्य रोगी विभागों के साथ समन्वय कर Acute Flaccid Paralysis, बुखार के साथ चकत्ते, डिफ्थीरिया, काली खांसी, नवजात टिटनेस एवं AEFI जैसे संदिग्ध VPD मामलों की पहचान।
  • संदिग्ध VPD मामलों की रिपोर्टिंग हेतु फैकल्टी एवं नर्सिंग अधिकारियों से सक्रिय समन्वय।
  • संस्थान में संदिग्ध VPD मामलों से नमूना संग्रह का समन्वय।
  • नमूनों को निर्धारित प्रयोगशालाओं तक भेजने हेतु जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, बिलासपुर कार्यालय से समन्वय।
  • लॉजिस्टिक्स, संवेदनशीलता एवं प्रशिक्षण हेतु राज्य WHO सलाहकार के साथ समन्वय।
  • संस्थान में VPD मामलों का व्यापक डाटाबेस संधारण।

बाह्य रोगी विभाग:

प्रतिरक्षण क्लिनिक (AIIMS): 17 अगस्त 2022 से प्रारंभ। उपलब्ध सेवाएं:

  • AIIMS बिलासपुर में जन्मे सभी बच्चों को शून्य डोज़ (BCG, OPV, Hepatitis B)।
  • सार्वभौमिक प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं किशोरों का टीकाकरण।
  • सार्वभौमिक प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण।
  • विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों का वैकल्पिक टीकों द्वारा टीकाकरण।
  • रेफर किए गए डायलिसिस रोगियों का टीकाकरण।
  • लाभार्थियों को टीकों एवं समय-सारणी के संबंध में परामर्श।
  • AEFI की निगरानी एवं प्रबंधन।
  • वैक्सीन एवं लॉजिस्टिक प्रबंधन।
  • नर्सिंग अधिकारियों के प्रशिक्षण / संवेदनशीलता हेतु समन्वय।
  • पल्स पोलियो अभियानों में सहभागिता।
  • पंजीकरण हेतु U-Win पोर्टल का उपयोग।
  • वैक्सीन भंडारण एवं प्रबंधन हेतु eWIN सहित कार्यशील कोल्ड चेन पॉइंट।
  • व्यापक प्रतिरक्षण डाटाबेस संधारण।

लाइफस्टाइल मैनेजमेंट एवं स्टाफ वेलनेस क्लिनिक (AIIMS): 13 अगस्त 2024 से प्रारंभ।

  • फैकल्टी, स्टाफ, विद्यार्थियों, रोगियों एवं तीमारदारों हेतु निवारक स्वास्थ्य जांच एवं मूल्यांकन।
  • रक्तचाप, रक्त शर्करा, हीमोग्लोबिन, ऊंचाई, वजन, कमर परिधि एवं BMI की निगरानी।
  • जांच परिणामों के आधार पर प्रबंधन एवं परामर्श।
  • पोषण, शारीरिक गतिविधि, मानसिक स्वास्थ्य, तंबाकू एवं मद्यत्याग संबंधी परामर्श।
  • फैकल्टी, नर्सिंग अधिकारियों एवं विद्यार्थियों हेतु जन्मदिन आमंत्रण संपर्क।
  • क्लिनिक डाटाबेस संधारण।
  • स्वच्छता कर्मचारियों की जांच।

ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र (मारकंड): रोगी सेवाएं 02 सितंबर 2024 से प्रारंभ।

  • सभी आयु वर्गों हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं।
  • सामान्य रोगों एवं दीर्घकालिक बीमारियों का प्रबंधन।
  • गैर-संचारी रोगों की जांच एवं परामर्श।
  • PMSMA के अंतर्गत प्रसवपूर्व जांच।
  • प्रतिरक्षण सेवाओं में सहभागिता।
  • उन्नत उपचार हेतु रोगियों को AIIMS बिलासपुर रेफर करना।
  • स्वास्थ्य जागरूकता अभियान एवं स्वास्थ्य शिविर।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहभागिता।
  • स्नातकोत्तर एवं स्नातक विद्यार्थियों हेतु क्लिनिकल एवं सामुदायिक शिक्षण।
  • फील्ड विज़िट, परिवार आवंटन एवं सामुदायिक आधारित शिक्षण।
  • ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में इंटर्न प्रशिक्षण।
  • रोगी डाटाबेस संधारण।
  • ब्लॉक स्तरीय बैठकों एवं हितधारक समन्वय में सहभागिता।

शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (रौड़ा): रोगी सेवाएं 03 मार्च 2025 से प्रारंभ।

  • सभी आयु वर्गों हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं।
  • सामान्य रोगों एवं दीर्घकालिक बीमारियों का प्रबंधन।
  • गैर-संचारी रोगों की जांच एवं परामर्श।
  • PMSMA के अंतर्गत प्रसवपूर्व जांच।
  • प्रतिरक्षण सेवाओं में सहभागिता।
  • उन्नत उपचार हेतु रोगियों को रेफर करना।
  • जागरूकता अभियान एवं स्वास्थ्य शिविर।
  • विद्यार्थियों हेतु शिक्षण एवं प्रशिक्षण।
  • शहरी स्वास्थ्य सेवा में इंटर्न का व्यावहारिक प्रशिक्षण।
  • रोगी अभिलेख डाटाबेस संधारण।
  • संवेदनशील आबादी हेतु गृह भ्रमण।
  • अंतिम अवस्था के रोगियों हेतु उपशामक देखभाल सहयोग।
  • प्रसवोत्तर गृह भ्रमण।

कोविड टीकाकरण केंद्र (AIIMS): 02 जून 2021 से प्रारंभ।

  • पंजीकरण, प्रतीक्षा, टीकाकरण एवं अवलोकन क्षेत्रों की योजना एवं स्थापना।
  • वैक्सीन, सिरिंज एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था।
  • टीकाकरण, भंडारण एवं CoWIN पोर्टल संचालन हेतु स्टाफ प्रशिक्षण।
  • प्रिंट एवं डिजिटल माध्यमों द्वारा जनजागरूकता।
  • वैक्सीन सुरक्षा एवं प्रभावशीलता संबंधी जनसंदेहों का समाधान।
  • सत्र समाप्ति रिपोर्ट जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को भेजना।
  • द्वितीय एवं प्रिकॉशन डोज़ लंबित मामलों का निस्तारण।

प्रक्रियाएं (नैदानिक एवं/या उपचारात्मक):

  • परिवार गोद लेने कार्यक्रम भ्रमण एवं स्वास्थ्य शिविरों के दौरान पॉइंट ऑफ केयर परीक्षण।
  • परिवार गोद लेने कार्यक्रम अंतर्गत गांवों में स्वास्थ्य जांच शिविर।
  • मेलों एवं वृद्धाश्रम भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य जांच शिविर।
  • बहु-विशेषता शिविरों में निवारक एवं स्वास्थ्य संवर्धन सेवाओं में सहभागिता।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहभागिता:

  • वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में बिलासपुर में क्षय रोग सर्वेक्षण हेतु जिला टीबी अधिकारी के साथ Sub National Certification (SNC) में समन्वय।
  • वर्ष 2022-23 में जिले को कांस्य पदक प्राप्ति में योगदान।
  • वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में TB मुक्त ग्राम पंचायत दावों का सत्यापन।

सांख्यिकी पाठ्यक्रम और अल्पकालिक प्रशिक्षण

क्र.सं. पाठ्यक्रम का नाम पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम अवधि वर्तमान विद्यार्थियों की संख्या उद्देश्य / पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
1 एमडी कम्युनिटी मेडिसिन कम्युनिटी मेडिसिन 03 वर्ष 05

स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को निम्न हेतु प्रशिक्षित किया जाता है:

  • राष्ट्रीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, निगरानी एवं मूल्यांकन में लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में कार्य करना।
  • स्थानीय क्षेत्रों में प्रचलित लोक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करना।
  • समग्र दृष्टिकोण के साथ प्राथमिक देखभाल / पारिवारिक चिकित्सक के रूप में कार्य करना।
  • समुदाय एवं अस्पताल आधारित अनुसंधान करना।
  • स्नातक विद्यार्थियों को शिक्षित एवं प्रशिक्षित करना।

प्रशिक्षण में शामिल है:

  • नियमित सेमिनार एवं जर्नल क्लब।
  • स्नातक विद्यार्थियों के साथ फील्ड विज़िट।
  • CRH, UHTC, प्रतिरक्षण क्लिनिक एवं वेलनेस क्लिनिक में पोस्टिंग।
  • क्लिनिकल विभागों में रोटेटरी पोस्टिंग।
  • समूह चर्चा एवं फैकल्टी कक्षाएं।
  • सम्मेलनों एवं कार्यशालाओं में सहभागिता।
  • नियमित मूल्यांकन एवं फीडबैक।
2 एमबीबीएस स्नातक चिकित्सा शिक्षा 05½ वर्ष (इंटर्नशिप सहित) 250

विद्यार्थियों को निम्न हेतु प्रशिक्षित किया जाता है:

  • प्राथमिक देखभाल चिकित्सक के रूप में सामान्य रोगों का निदान एवं उपचार करना।
  • निवारक एवं स्वास्थ्य संवर्धक सेवाएं प्रदान करना।
  • बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं वृद्धजनों जैसे संवेदनशील वर्गों की सेवा करना।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहभागिता।
  • रोग निवारण एवं अनुसंधान हेतु महामारी विज्ञान का उपयोग करना।
  • व्यावसायिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना।
  • प्रारंभिक, प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक रोकथाम सिद्धांतों का अनुप्रयोग करना।
3 पैरामेडिकल साइंसेज़ पर्यावरण विज्ञान एवं स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली 04 वर्ष 16

निम्न विषयों की समझ प्रदान करता है:

  • भारतीय स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली एवं वैश्विक प्रणालियों से तुलना।
  • जनसांख्यिकी।
  • सामान्य महामारी विज्ञान एवं उसके अनुप्रयोग।
  • सब सेंटर, PHC, CHC, SDH, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, निजी अस्पताल, डिस्पेंसरी एवं क्लिनिक भ्रमण।
4 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों हेतु प्रोटोकॉल लेखन कार्यशाला अनुसंधान पद्धति 01 दिन 89

उद्देश्य:

  • वैज्ञानिक रूप से सुदृढ़ अनुसंधान प्रोटोकॉल विकसित करना।
  • प्रोटोकॉल के घटकों जैसे शीर्षक, सारांश, कार्यविधि, नैतिकता, सांख्यिकी, बजट आदि को समझना।
  • PICO के माध्यम से शोध प्रश्न तैयार करना।
  • अध्ययन डिज़ाइन का चयन करना।
  • PubMed, Cochrane आदि के माध्यम से साहित्य खोज करना।
  • कार्यविधि एवं नमूना आकार की गणना तैयार करना।
  • नैतिक सिद्धांत एवं सूचित सहमति को समझना।
  • रेफरेंस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर एवं उद्धरणों का उपयोग करना।
5 एमबीबीएस हेतु ऐच्छिक पाठ्यक्रम ऐच्छिक 1: अनुसंधान पद्धति
ऐच्छिक 2: राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP)
28 दिन 05

उद्देश्य:

  • वैज्ञानिक साहित्य एवं अनुसंधान परिकल्पना को समझना।
  • अध्ययन डिज़ाइन, नमूना आकार एवं डेटा संग्रह उपकरणों को समझना।
  • कॉन्सेप्ट नोट एवं शोध प्रस्ताव तैयार करना।
  • जिला स्तर पर NTEP के क्रियान्वयन को समझना।
  • स्पुटम माइक्रोस्कोपी एवं CBNAAT / TruNAAT जैसी लैब सेवाओं को सीखना।
  • NIKSHAY पोर्टल एवं DOTS सेवाओं को समझना।
  • NTEP का SWOT विश्लेषण करना।
6 ECHO के माध्यम से कम्युनिटी हेल्थ अधिकारियों हेतु CME गैर-संचारी रोगों का प्रबंधन 06 माह 35

इसमें शामिल है:

  • मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विकारों सहित NCDs का प्रबंधन।
  • हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर स्क्रीनिंग एवं फॉलो-अप।
  • सामुदायिक सहभागिता एवं स्वास्थ्य संवर्धन।
  • जेरियाट्रिक देखभाल एवं वृद्धावस्था संबंधी रोगों का प्रबंधन।
  • उपशामक देखभाल एवं देखभालकर्ता सहयोग।
  • AIIMS बिलासपुर विशेषज्ञों के साथ टेलीमेडिसिन सेवाओं को सुदृढ़ करना।

परियोजनाओं

क्र.सं. शीर्षक प्रधान अन्वेषक सह-अन्वेषक सहयोग (विभाग / संस्थान) वित्तपोषण एजेंसी परियोजना स्थिति
1 हिमाचल प्रदेश राज्य में कृषि कार्य से जुड़े लोगों में कीटनाशक संपर्क एवं अज्ञात कारणों वाली क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKDu)। डॉ अनुपम पराशर डॉ अनुपमा धीमान नेफ्रोलॉजी, जनरल मेडिसिन हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (HIMCOSTE) प्रगति पर
2 ACC सीमेंट प्लांट, बरमाणा, जिला बिलासपुर के निकट रहने वाले निवासियों के स्वास्थ्य पर सीमेंट प्लांट के प्रभाव का अध्ययन। डॉ अनुपम पराशर डॉ नवप्रीत, डॉ अनुपमा धीमान, डॉ निकिता शर्मा जनरल मेडिसिन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, हिमाचल प्रदेश प्रगति पर
3 हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी के विभिन्न आयु वर्ग के निवासियों में जीवनशैली संबंधी रोग बायोमार्करों का स्वायत्त एवं संज्ञानात्मक कार्यों से संबंध का आकलन। - डॉ मीनल एम ठाकरे - - प्रगति पर
4 कम्युनिटी मेडिसिन में श्रेष्ठ प्रथाओं का राष्ट्रव्यापी आकलन एवं संकलन। डॉ मीनल एम ठाकरे - - Indian Association of Preventive and Social Medicine प्रगति पर
5 हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के हाइपोथायरॉइड रोगियों में न्यूरोफिजियोलॉजिकल एवं जैव-रासायनिक मानकों का अध्ययन। - डॉ नवप्रीत फिजियोलॉजी, जनरल मेडिसिन, एंडोक्राइनोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री ICMR प्रगति पर
6 बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश के नवजात शिशुओं में गंभीर जन्मजात हृदय रोग की पहचान हेतु पल्स ऑक्सीमेट्री स्क्रीनिंग - एक क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन। - डॉ नवप्रीत नियोनेटोलॉजी ICMR प्रगति पर
7 उत्तरी भारत में त्वचा डर्माटोफाइट संक्रमण के संबंध में सामुदायिक फार्मासिस्टों / केमिस्टों के ज्ञान, दृष्टिकोण एवं व्यवहार पर IEC हस्तक्षेप का प्रभाव मूल्यांकन। - डॉ अनुपमा धीमान, डॉ नवप्रीत त्वचा रोग विभाग Indian Association of Dermatologists, Venereologists and Leprologists (IADVL) प्रगति पर
8 जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश के ब्लॉक मारकंड में पेयजल गुणवत्ता का आकलन। डॉ नवप्रीत डॉ अनुपम पराशर, डॉ अनुपमा धीमान, डॉ निकिता शर्मा - - प्रगति पर
9 भारत में COVID-19 महामारी के दौरान NCD सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना: राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों की श्रेष्ठ प्रथाओं का आकलन। डॉ मीनल एम ठाकरे - - - पूर्ण
10 AIIMS बिलासपुर के चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ में COVID रोग, दुष्प्रभाव, टीकाकरण स्थिति एवं आगे बूस्टर डोज़ लेने की इच्छा का आधारभूत आकलन। डॉ मीनल एम ठाकरे डॉ निकिता शर्मा - - पूर्ण
11 उत्तर भारत की किशोर विद्यालयी छात्राओं में मासिक धर्म स्वच्छता प्रथाओं पर एक क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन। डॉ मीनल एम ठाकरे - - - पूर्ण
12 हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में प्रसवोत्तर मानसिक रोग की प्रसारता एवं जोखिम कारकों का अध्ययन: एक सामुदायिक आधारित क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन। - डॉ अनुपमा धीमान प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग CSR पूर्ण

विस्तार योजना

क्र.सं. सहयोग हेतु विभाग एवं संस्थान के साथ सहयोग प्रदान की जाने वाली सेवाएं / सहयोग अंतर्गत कार्य
1
  1. AIIMS बिलासपुर में येलो फीवर टीकाकरण क्लिनिक की शुरुआत।
  2. बायोस्टैटिस्टिक्स अनुभाग की स्थापना।
  3. लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की स्थापना।
  4. महामारी विज्ञान इकाई की स्थापना।
  5. परिवार देखभाल अध्ययन अनुभाग की स्थापना।
  6. स्वास्थ्य शिक्षा अनुभाग की स्थापना।
  7. CRH एवं UHTC सेवाओं का विस्तार तथा विशेष क्लिनिक जैसे NCD क्लिनिक, जेरियाट्रिक क्लिनिक एवं तंबाकू निषेध केंद्र की शुरुआत।
  8. आसपास के वंचित समुदायों की सेवा हेतु नवाचारी आउटरीच कार्यक्रम विकसित करना।
  9. क्षेत्र / समुदाय में दीर्घकालिक रोगों के निदान / प्रबंधन हेतु पॉइंट ऑफ केयर उपकरण।
  10. प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं हेतु सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम स्थापित करना।
  11. AIIMS बिलासपुर के प्रत्यक्ष प्रशासनिक नियंत्रण में ग्रामीण स्वास्थ्य एवं UHTC का आदर्श केंद्र स्थापित करना।
  12. कम्युनिटी मेडिसिन में मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ (MPH) एवं पीएचडी पाठ्यक्रम प्रारंभ करना।
  13. ऑनलाइन शिक्षण मॉड्यूल एवं दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम विकसित करना।
  14. सहयोगी स्वास्थ्य व्यवसायों के साथ अंतर-पेशेवर शिक्षा के अवसर सृजित करना।
  15. अन्य विभागों एवं बाह्य संस्थानों के साथ अनुसंधान सहयोग स्थापित करना।
  16. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से अनुसंधान परियोजनाओं हेतु वित्तपोषण प्राप्त करना।
  17. कार्यान्वयन अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करना तथा साक्ष्यों को व्यवहार में लागू करना।
  18. निरंतर सुधार एवं नवाचार की संस्कृति विकसित करना।
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