बच्चों की दवा करने की विद्या
विजन वक्तव्य
बाल चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र बनना, शैक्षणिक उपलब्धियों, करुणापूर्ण देखभाल और नवोन्मेषी अनुसंधान में उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए समर्पित होना। हमारा लक्ष्य सर्वोत्तम चिकित्सा शिक्षा के माध्यम से बाल स्वास्थ्य में भावी नेताओं को विकसित करना, सत्यनिष्ठा और सहानुभूति के साथ साक्ष्य-आधारित और परिवार-केंद्रित देखभाल प्रदान करना और बच्चों के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ाने वाली वैज्ञानिक प्रगति में योगदान देना है।
मिशन वक्तव्य
क्षेत्र में बच्चों के स्वास्थ्य को निरंतर गुणवत्ता सुधार के माध्यम से बेहतर बनाना, करुणापूर्ण और साक्ष्य-आधारित रोगी देखभाल प्रदान करना, अकादमिक प्रशिक्षण में उत्कृष्टता बनाए रखना और ऐसे अनुसंधान को आगे बढ़ाना जिसे व्यवहार और नीति में लागू किया जा सके।
संकाय
| क्र. सं. | छायाचित्र | नाम एवं शैक्षणिक योग्यता | पदनाम | रुचि के क्षेत्र | ई-मेल आईडी / रिसर्चगेट प्रोफ़ाइल |
|---|---|---|---|---|---|
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डॉ. श्रीराम पोथप्रेगडा एम.डी. (बाल रोग) |
प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष | बाल संक्रामक रोग नवजात शिशु चिकित्सा एवं सामुदायिक बाल रोग बाल हृदय रोग विज्ञान |
Dr.sriram.pedia@aiimsbilaspur.edu.in |
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डॉ. नवीन कुमार एम.डी. (बाल रोग) बाल तंत्रिका विज्ञान (Pediatric Neurology) में फेलोशिप |
एसोसिएट प्रोफेसर | बाल तंत्रिका विज्ञान बच्चों में पोषण न्यूरोफिज़ियोलॉजी स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार |
Dr.naveen.pedia@aiimsbilaspur.edu.in रिसर्चगेट प्रोफ़ाइल |
| 3 | ![]() |
डॉ. जसबीर सिंह एम.डी. (बाल रोग) |
एसोसिएट प्रोफेसर | बाल अंतःस्रावी रोग विज्ञान (Pediatric Endocrinology) बाल श्वसन रोग विज्ञान (Pediatric Pulmonology) |
Dr.jasbir.pedia@aiimsbilaspur.edu.in |
| 4 | ![]() |
डॉ. रमन शर्मा एम.डी., डी.एम. (बाल गहन चिकित्सा) |
सहायक प्रोफेसर | बाल गहन चिकित्सा इकाई (PICU) बाल आपातकालीन चिकित्सा |
Dr.raman.pedia@aiimsbilaspur.edu.in |
सेवाएं
अंतःरोगी विभाग (In-patient Department):
बाल रोग विभाग ने अक्टूबर 2022 में 12 बिस्तरों एवं 5-बिस्तर आपातकालीन सुविधा के साथ रोगी देखभाल सेवाएँ प्रारम्भ कीं। रोगियों की संख्या में वृद्धि होने पर ए-ब्लॉक आईपीडी भवन की पाँचवीं मंजिल पर 30 बिस्तरों वाला एक समर्पित बाल रोग वार्ड स्थापित किया गया, जिसमें 4-बिस्तरों वाली उच्च निर्भरता इकाई (HDU) भी शामिल है। विभाग को हिमाचल प्रदेश के निकटवर्ती जिलों तथा पड़ोसी राज्य पंजाब से रेफरल प्राप्त होते हैं।
वर्ष 2024 में क्षेत्र के बच्चों को गहन चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने हेतु बाल गहन चिकित्सा इकाई (PICU) प्रारम्भ की गई। वर्तमान में PICU में 16 बिस्तर उपलब्ध हैं, जो यांत्रिक वेंटिलेशन, इनवेसिव मॉनिटरिंग तथा पेरिटोनियल डायलिसिस जैसी उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित हैं।
यह इकाई न्यूरोसर्जरी, अस्थि रोग (Orthopaedics), ईएनटी तथा बाल शल्य चिकित्सा जैसी विभिन्न विशिष्टताओं के बाल रोगियों का भी प्रबंधन करती है। दो सीटों की स्वीकृति के साथ डी.एम. (बाल गहन चिकित्सा) कार्यक्रम जुलाई 2025 सत्र से प्रारम्भ किया जाना निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, जुलाई 2026 सत्र से बाल तंत्रिका विज्ञान (Pediatric Neurology) फेलोशिप हेतु एक सीट भी स्वीकृत की गई है।
बाह्यरोगी विभाग (Outpatient Department):
बाल रोग ओपीडी सेवाएँ प्रारम्भ में मई 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान ई-संजीवनी मंच के माध्यम से शुरू की गई थीं तथा बाद में दिसंबर 2021 में आयुष ब्लॉक में भौतिक ओपीडी सेवाओं के रूप में विस्तारित की गईं। 5 अक्टूबर 2022 को संस्थान के उद्घाटन के पश्चात ओपीडी सेवाओं को बी-ब्लॉक अस्पताल भवन में स्थानांतरित कर दिया गया।
वर्तमान में बाल रोग ओपीडी पूर्ण रूप से संचालित है तथा प्रतिदिन रोगी देखभाल सेवाएँ प्रदान करती है। इसकी शुरुआत सामान्य बाल रोग सेवाओं से हुई थी, जिसे बाद में बाल तंत्रिका विज्ञान एवं बाल गहन चिकित्सा अनुवर्ती क्लीनिक जैसी उप-विशेषज्ञता सेवाओं तक विस्तारित किया गया।
वर्ष 2025 में बाल अंतःस्रावी रोग (Pediatric Endocrinology), बाल रक्त एवं कैंसर रोग (Pediatric Hemato-oncology) तथा बाल श्वसन रोग (Pediatric Pulmonology) क्लीनिकों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से बाल रोग विभाग वर्ष 2024 से ओपीडी परिसर में किशोर-अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिक (नई दिशा केंद्र) का संचालन कर रहा है।
बाल रोग विभाग काजा, केलांग, चंबा के जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों तथा हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में दिव्यांग बच्चों हेतु आयोजित स्थानीय स्वास्थ्य शिविरों में सहभागिता के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रिय योगदान देता है।
विभाग भारत सरकार द्वारा प्रारम्भ किए गए विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, जैसे राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत, मिशन इंद्रधनुष, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा टीका-निवारणीय रोग निगरानी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सक्रिय रूप से संलग्न है।
विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रक्रियाएँ (नैदानिक एवं/या चिकित्सीय)
- ओपीडी में बाल टीकाकरण सेवाएँ।
- वार्ड में भर्ती उन बाल रोगियों के लिए सेडेशन सुविधा जिन्हें एमआरआई अथवा रेडियो-इमेजिंग की आवश्यकता होती है।
- बाल रोगियों के लिए ईईजी (EEG) एवं वीडियो ईईजी (vEEG) जाँच।
- बाल रोगियों के लिए पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (Pulmonary Function Test)।
- डे-केयर सुविधाएँ, जिनमें रक्ताधान-निर्भर थैलेसीमिया रोगियों के लिए रक्त आधान (Blood Transfusion) सेवाएँ भी शामिल हैं।
सांख्यिकी पाठ्यक्रम और अल्पकालिक प्रशिक्षण
| क्र. सं. | पाठ्यक्रम का नाम | पाठ्यक्रम | पाठ्यक्रम की अवधि | वर्तमान विद्यार्थियों की संख्या | पाठ्यक्रम का उद्देश्य / संक्षिप्त विवरण |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | एम.बी.बी.एस. | एसएसी द्वारा अनुमोदित स्नातक (UG) पाठ्यक्रम | 5.5 वर्ष | 100 | स्नातक पाठ्यक्रम के अनुसार दक्षता-आधारित चिकित्सा शिक्षा (Competency-Based Medical Education) प्रदान करना। |
| 2 | एम.डी. बाल रोग (Pediatrics) | एसएसी, एम्स बिलासपुर द्वारा अनुमोदित स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम | 3 वर्ष | 10 | अनुमोदित पाठ्यक्रम के अनुसार स्नातकोत्तर स्तर का प्रशिक्षण प्रदान करना। |
अनुसंधान
| क्र. सं. | शीर्षक | प्रधान अन्वेषक | सह-अन्वेषक | सहयोग (यदि कोई हो) | वित्तपोषण एजेंसी | परियोजना की स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 01 | टाइप-1 मधुमेह (T1D) के एंडोटाइप्स में उन्नत अनुसंधान हेतु अन्वेषण केंद्र (i-CARE-T1D): टाइप-1 मधुमेह अनुसंधान के लिए एक राष्ट्रीय रेफरल केंद्र। | बहु-केंद्रीय अध्ययन डॉ. श्रीराम पी. |
डॉ. नवीन कुमार | बहु-केंद्रीय अध्ययन | भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) | प्रगतिशील (Ongoing) |
| 02 | ग्रामीण क्षेत्र में 6 माह से 5 वर्ष आयु के बच्चों में JUNCS (ऊर्जा-घन, पोषक-तत्वों में कम खाद्य पदार्थ) के सेवन के स्वरूप तथा अधिक वजन एवं मोटापे से उसके संबंध का अध्ययन। स्नातक छात्र के लिए मुख्य पर्यवेक्षक। | डॉ. नवीन कुमार | नहीं | — | इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स | प्रगतिशील (Ongoing) |
| 03 | 6–10 वर्ष आयु के बच्चों में जीवनशैली व्यवहार पैटर्न तथा अधिक वजन एवं मोटापे से उनका संबंध: शारीरिक गतिविधि, नींद, स्क्रीन समय एवं आहार संबंधी आदतों पर आधारित अध्ययन। | डॉ. नवीन कुमार | नहीं | — | इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स | प्रगतिशील (Ongoing) |
| 04 | बिलासपुर जिले के नवजात शिशुओं में गंभीर जन्मजात हृदय रोगों की पहचान हेतु पल्स ऑक्सीमेट्री स्क्रीनिंग एवं फीमोरल पल्स परीक्षण के संयुक्त उपयोग का अध्ययन – एक संभावित प्रेक्षणात्मक अध्ययन। | डॉ. नलिनी ए. | डॉ. जसबीर सिंह | राज्य स्वास्थ्य एजेंसियाँ, हिमाचल प्रदेश | भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) | प्रगतिशील (Ongoing) |
| 05 | उत्तर-पश्चिम भारत में तीव्र ज्वर संबंधी रोगों की बहु-केंद्रीय सिंड्रोमिक निगरानी। | डॉ. मिनी पी. सिंह | डॉ. जसबीर सिंह (डॉ. पुनीत गुप्ता – एम्स बिलासपुर में साइट प्रधान अन्वेषक) |
बहु-केंद्रीय अध्ययन | भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) | प्रगतिशील (Ongoing) |
विस्तार योजना
| क्र. सं. | विस्तार योजना |
|---|---|
| 1 | बाल रोग विभाग में उप-विशेषज्ञता (Subspecialty) पाठ्यक्रम प्रारम्भ करना। |
| 2 | बाल विकास इकाई (Child Development Unit) एवं प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (Early Intervention Center) की स्थापना। |
| 3 | बाल श्वसन रोग विज्ञान (Pediatric Pulmonology) प्रयोगशाला की स्थापना। |
| 4 | वृक्क प्रतिस्थापन चिकित्सा (Renal Replacement Therapy) सेवाओं की शुरुआत। |
| 5 | स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) एवं डीएम विद्यार्थियों के लिए बाल चिकित्सा कौशल प्रयोगशाला (Pediatric Skill Laboratory) की स्थापना। |
| 6 | बाल संक्रामक रोग एवं अतिसार उपचार इकाई (Pediatric Infectious Disease and Diarrhea Treatment Unit) की स्थापना। |
| 7 | सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं आउटरीच गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता। |
04/06/2026 11:57:38



