औषध

विजन वक्तव्य

एम्स बिलासपुर का फार्माकोलॉजी विभाग चिकित्सा शिक्षा, उपचार पद्धति और औषधि अनुसंधान में अकादमिक उत्कृष्टता और नवाचार का केंद्र बनने की परिकल्पना करता है।

मिशन वक्तव्य

  • एकीकृत, छात्र-केंद्रित एवं साक्ष्य-आधारित शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से फार्माकोलॉजी में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना।
  • स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, स्व-निर्देशित अधिगम तथा व्यावसायिक दक्षता को प्रोत्साहित करना।
  • औषधि सुरक्षा एवं राष्ट्रीय महत्व के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर विशेष ध्यान देते हुए आधारभूत, नैदानिक एवं ट्रांसलेशनल क्षेत्रों में नवाचारी अनुसंधान करना।
  • फार्माकोलॉजी शिक्षा एवं अभ्यास के लिए व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने हेतु नैदानिक एवं गैर-नैदानिक विषयों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना।
  • फार्माकोविजिलेंस गतिविधियों, चिकित्सीय औषधि निगरानी (Therapeutic Drug Monitoring) तथा तर्कसंगत औषधि-निर्धारण (Rational Prescribing) को बढ़ावा देकर रोगी देखभाल में योगदान देना।
  • शिक्षा, अनुसंधान एवं सेवाओं के सभी क्षेत्रों में नैतिकता, पारदर्शिता एवं शैक्षणिक ईमानदारी के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखना।
  • फार्माकोलॉजी, औषधि विनियमन (Drug Regulations) एवं जनस्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर स्वास्थ्य पेशेवरों एवं नीति-निर्माताओं के लिए ज्ञान-केंद्र (Knowledge Hub) के रूप में कार्य करना।

संकाय

क्र. सं. फोटो नाम एवं योग्यता पदनाम रुचि के क्षेत्र ई-मेल आईडी / ORCID आईडी / रिसर्चगेट प्रोफ़ाइल
1 डॉ. दीप्ति चोपड़ा डॉ. दीप्ति चोपड़ा
एम.बी.बी.एस., डी.टी.सी.डी., एम.डी. (फार्माकोलॉजी), ACME, FAIMER
प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष चिकित्सा शिक्षा, हृदयवाहिका फार्माकोलॉजी, फार्माकोविजिलेंस, एथ्नोफार्माकोलॉजी, फार्माकोजीनोमिक्स, औषधियों का तर्कसंगत उपयोग dr.deepti.pharmac@aiimsbilaspur.edu.in
2 डॉ. अशोक के. दुबे डॉ. अशोक के. दुबे
एम.बी.बी.एस., डी.ओ. (नेत्र विज्ञान), एम.डी. (फार्माकोलॉजी)
अतिरिक्त प्रोफेसर क्लिनिकल फार्माकोलॉजी, नेत्रीय फार्माकोलॉजी, फार्माकोइकोनॉमिक्स dr.ashok.pharmac@aiimsbilaspur.edu.in
3 डॉ. ए. नवीन डॉ. ए. नवीन
एम.बी.बी.एस., एम.डी. (फार्माकोलॉजी)
एसोसिएट प्रोफेसर औषधियों का तर्कसंगत उपयोग, कैंसर औषधि चिकित्सा (ऑन्कोथेराप्यूटिक्स), चिकित्सा शिक्षा dr.avula.pharmac@aiimsbilaspur.edu.in
4 डॉ. मीनाक्षी मीनू डॉ. मीनाक्षी मीनू
एम.बी.बी.एस., एम.डी. (फार्माकोलॉजी), डी.एम. (क्लिनिकल फार्माकोलॉजी)
एसोसिएट प्रोफेसर फार्माकोविजिलेंस, ऑन्कोफार्माकोलॉजी, न्यूरोफार्माकोलॉजी, नैनोप्रौद्योगिकी, फार्माकोजीनोमिक्स, फार्माकोइकोनॉमिक्स, मशीन लर्निंग एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता dr.meenakshi.pharmac@aiimsbilaspur.edu.in
5 डॉ. यांगशेन ल्हामो डॉ. यांगशेन ल्हामो
एम.बी.बी.एस., एम.डी. (फार्माकोलॉजी)
एसोसिएट प्रोफेसर फार्माकोविजिलेंस, सूजन संबंधी फार्माकोलॉजी (Inflammopharmacology), चिकित्सा शिक्षा, फार्माकोजीनोमिक्स, एथ्नोफार्माकोलॉजी, स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता dr.yangshen.pharmac@aiimsbilaspur.edu.in

सेवाएं

ओपीडी / आईपीडी सेवाएँ

  • प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं (Adverse Drug Reactions - ADR) की निगरानी।
  • प्रिस्क्रिप्शन (औषधि-पत्र) का ऑडिट एवं मूल्यांकन।
  • एडीआर निगरानी एवं उत्तम प्रिस्क्रिप्शन लेखन प्रथाओं के संबंध में रेज़िडेंट चिकित्सकों एवं संकाय सदस्यों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करना।
  • रोगियों को प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं (ADR) की रिपोर्टिंग के प्रति जागरूक बनाना।

सांख्यिकी पाठ्यक्रम और अल्पकालिक प्रशिक्षण

क्र. सं. पाठ्यक्रम का नाम पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम की अवधि वर्तमान विद्यार्थियों की संख्या उद्देश्य / पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
1 स्नातक एमबीबीएस 1 वर्ष 100 पाठ्यक्रम दिशानिर्देशों के अनुसार औषधि विज्ञान के सिद्धांतों, औषध-चिकित्सा (Therapeutics) तथा तर्कसंगत औषधि-निर्धारण (Rational Prescribing) का शिक्षण, नियमित मूल्यांकन के साथ।
2 नर्सिंग बी.एससी. नर्सिंग 1 वर्ष 28 नर्सिंग से संबंधित औषधि विज्ञान की मूलभूत जानकारी, जिसमें आवश्यक औषधियाँ, दवा सुरक्षा तथा सुरक्षित दवा प्रशासन (Medication Administration) की प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
3 स्नातकोत्तर एम.डी. 3 वर्ष 2 शिक्षण, अनुसंधान एवं क्लिनिकल फार्माकोलॉजी में उन्नत प्रशिक्षण, जिसमें शोध-प्रबंध (Thesis) कार्य, शैक्षणिक गतिविधियाँ तथा विभागीय उत्तरदायित्व शामिल हैं।
4 प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रिस्क्रिप्शन लेखन कौशल 2 सप्ताह तर्कसंगत औषधि-निर्धारण तथा सामान्य औषधीय त्रुटियों की रोकथाम पर आधारित अल्पकालिक पाठ्यक्रम, जिसमें संवादात्मक शिक्षण सत्र एवं व्यावहारिक प्रदर्शन शामिल हैं।

अनुसंधान/परियोजनाएँ

क्र. सं. शीर्षक प्रधान अन्वेषक सह-अन्वेषक वित्तपोषण एजेंसी परियोजना की स्थिति
1 स्नातक चिकित्सा विद्यार्थियों में अंतराल-आधारित पुनरावृत्ति (Spaced Retrieval Practice) हेतु डिजिटल फार्माकोलॉजी फ्लैशकार्ड्स के कार्यान्वयन का अध्ययन डॉ. दीप्ति चोपड़ा गैर-वित्तपोषित पूर्ण
2 टाइप-2 मधुमेह रोगियों में दवा अनुपालन (Medication Adherence) पर मोबाइल-आधारित हस्तक्षेप की उपयोगिता का मूल्यांकन शोध-प्रबंध मार्गदर्शक – डॉ. दीप्ति चोपड़ा गैर-वित्तपोषित प्रगति पर
3 कैंसर-रोधी दवाओं की वित्तीय विषाक्तता (Financial Toxicity) तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदाय और कैंसर रोगियों के जीवन-स्तर पर इसके प्रभाव डॉ. मीनाक्षी मीनू गैर-वित्तपोषित पूर्ण
4 भारत के उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के शीत मरुस्थलीय क्षेत्र लाहौल एवं स्पीति में पारंपरिक जनजातीय चिकित्सकों द्वारा प्रयुक्त औषधीय जड़ी-बूटियों का एथ्नोफार्माकोलॉजिकल सर्वेक्षण: एक अन्वेषणात्मक अध्ययन डॉ. यांगशेन ल्हामो गैर-वित्तपोषित पूर्ण
5 ठोस अंगों के कैंसर (Solid Organ Cancer) में पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा की प्रभावशीलता डॉ. यांगशेन ल्हामो गैर-वित्तपोषित पूर्ण
6 उपचार-प्रतिरोधी अवसाद (Treatment Resistant Depression) में औषधीय उपचारों के प्रतिरूप एवं निर्धारक कारक: एक क्रॉस-सेक्शनल प्रेक्षणात्मक अध्ययन शोध-प्रबंध मार्गदर्शक – डॉ. अशोक के. दुबे डॉ. ए. नवीन गैर-वित्तपोषित प्रगति पर
7 उन्नत कैंसर रोगियों में लक्षित चिकित्सा (Targeted Therapy) और पारंपरिक कीमोथेरेपी की प्रभावशीलता एवं सुरक्षा की तुलना हेतु वास्तविक जीवन (Real-World) आंकड़ों का पूर्वव्यापी ऑडिट डॉ. मीनाक्षी मीनू डॉ. परवेश धीमान
डॉ. मुनींदर कुमार
गैर-वित्तपोषित प्रगति पर

विस्तार योजना

विभाग द्वारा शैक्षणिक, नैदानिक सेवाओं एवं अनुसंधान गतिविधियों के क्षेत्र में निम्नलिखित भावी विकास योजनाएँ प्रस्तावित हैं।

शैक्षणिक एवं शिक्षण गतिविधियाँ

  • एम.डी. एवं डी.एम. पाठ्यक्रमों में दक्षता-आधारित चिकित्सा शिक्षा (CBME) मॉड्यूल का कार्यान्वयन।
  • एम.डी. एवं डी.एम. विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण।

नैदानिक सेवाएँ

  • चिकित्सीय औषधि निगरानी (Therapeutic Drug Monitoring - TDM) सेवाएँ प्रदान करने हेतु विश्लेषणात्मक प्रयोगशाला का उन्नयन।
  • औषधि गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला की स्थापना।
  • औषधि सूचना केंद्र (Drug Information Centre) की स्थापना।
  • संस्थान के एंटीबायोटिक स्टूअर्डशिप कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ बनाना।

अनुसंधान

  • वर्तमान प्रयोगशाला पशु सुविधा (Laboratory Animal Facility) का विस्तार कर उसे अत्याधुनिक केंद्र के रूप में विकसित करना।
  • क्लिनिकल रिसर्च / क्लिनिकल ट्रायल इकाई की स्थापना।